कोरोना इलाज के लिए दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती हर चौथा मरीज दूसरे राज्य का निवासी

नई दिल्ली: एक बार संक्रमण पर काबू पा चुकी राजधानी दिल्ली (Delhi) में फिर से कोरोना (Coronavirus) संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी है. यहां पिछले 24 घंटे में 2914 नए मामले सामने आए जो पिछले 68 दिनों में सबसे अधिक हैं. एक समय पर कोरोना के आकड़े दिल्ली में करीब 1000 रोजाना के स्तर पर आ गए थे. कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच अब कुछ समय से खाली दिल्ली के अस्पतालों के बेड दोबारा भरने लगे हैं. 

दिल्ली के अस्तालों में भर्ती 60% मरीज दूसरे राज्यों से
लेकिन इसमें गौर करनेवाली बात यह है दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों में कोविड की वजह से भर्ती होने वाले अधिकतर मरीज दिल्ली के नहीं बल्कि दूसरे राज्यों के हैं. देश की राजधानी दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती एक तिहाई यानी 60 फीसदी मरीज उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों से हैं.

14 हजार बेड में से 30% बेड पर कोरोना पेशेंट का हो रहा इलाज
10 अगस्त से 28 अगस्त के बीच दिल्ली में भर्ती होने वाले कुल मरीजों में से बाहर के मरीजों का औसत 40 फीसदी तक पाया गया. कोई भी दिन ऐसा नहीं रहा जहां दूसरे राज्यों के मरीजों का औसत 25 प्रतिशत से कम रहा हो. दिल्ली के अस्पतालों में मौजूद 14,000 बेड्स में से लगभग 30 प्रतिशत पर मरीज भर्ती हैं. इनमें से भी लगभग 30 प्रतिशत मरीज दूसरे राज्यों के हैं.

बीते 25 दिनों में बढ़े 36 फीसदी मरीज
बीते 25 दिनों में निजी अस्पतालों में 36 फीसदी कोविड मरीज बढ़े हैं. आंकड़ों के अनुसार एम्स ट्रॉमा सेंटर में कुल 14 मरीज एडमिट हुए, इमसें से 9 मरीज यूपी से, 4 मरीज हरियाणा और एक मरीज बिहार से है. वहीं एम्स के झज्जर सेंटर में कुल 16 मरीज एडिट हुए. इसमें से 5 मरीज यूपी और 10 मरीज हरियाणा से थे.

किस प्राइवेट अस्पताल में कितने अन्य राज्यों के मरीज:- 
1. साकेत स्थित मैक्स हॉस्पिटल में कुल 175 कोरोना मरीज भर्ती हुए. इसमें सिर्फ 80 मरीज दिल्ली के निवासी थे, जबकि अन्य 95 मरीज दूसरे राज्यों के थे. 
2. अपोलो हॉस्पिटल में कुल 158 कोरोना मरीज भर्ती हुए. इसमें से सिर्फ 47 मरीज दिल्ली के निवासी हैं, जबकि 111 मरीज दूसरे राज्यों से हैं.
3. पटपड़गंज स्थित मैक्स हॉस्पिटल में कोरोना के कुल 134 मरीज भर्ती हुए थे, इसमें सिर्फ 73 दिल्ली के निवासी हैं, जबकि 61 मरीज दूसरे राज्यों से हैं. 
4. सर गंगाराम हॉस्पिटल में कुल 100 कोरोना मरीज एडमिट हुए थे. इसमें से सिर्फ 44 दिल्ली के निवासी थे, जबकि 56 अन्य राज्यों के निवासी थे.
5. बीएल कपूर हॉस्पिटल में कुल 98 कोरोना मरीज एडमिट हुए थे. इसमें से 47 मरीज दिल्ली के रहने वाले हैं. जबकि 51 अन्य राज्यों से हैं.

भरते जा रहे हैं आईसीयू बेड
मैक्स अस्पताल के डॉक्टर किशोर ने कहा कि अस्पताल में भर्ती 80 फीसदी से ज्यादा मरीज अन्य राज्यों से हैं. डॉ किशोर ने कहा कि मरीजों की बढ़ने से अब आईसीयू बेड भी भरते जा रहे हैं. आईसीयू में भी अधिकतर मरीज उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बिहार से हैं. 

इन अस्पतालों में नहीं मिलेंगे वेंटिलेटर और आईसीयू बेड
कोरोना के इलाज के लिए दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती होने वाला हर चौथा मरीज दिल्ली के बाहर का है ऐसे में दिल्ली के प्राइवेट अस्पतालों में वेंटिलेटर भी अब खाली नहीं हैं. जानकारी के अनुसार मैक्स पटपड़गंज, फोर्टिस शालीमार बाग, अपोलो हॉस्पिटल, BL कपूर हॉस्पिटल, वेंकटेश्वर में ICU बेड्स पूरे भर चुके हैं. जबकि मैक्स साकेत और मैक्स पटपड़गंज, बत्रा हॉस्पिटल, फॉर्टिस वसंत कुंज और बीएल कपूर हॉस्पिटल जैसे अस्पतालों में वेंटिलेटर खाली नहीं हैं. 

प्राइवेट अस्पतालों के 911 आईसीयू बेड में से अभी 361 खाली
आंकड़ों के अनुसार, निजी अस्पतालों के 57.9 फीसदी वेंटिलेटर अब तक भर चुके हैं. वहीं अस्पतालों की ICU वार्ड में 50 फीसदी दूसरे राज्यों के मरीज भर्ती हैं. हालांकि, दिल्ली में कुल 911 आईसीयू बेड में से अभी 361 खाली हैं और 1205 वेंटिलेटर युक्त ICU में से 643 खाली हैं. दिल्ली में दिल्ली सरकार के अस्पताल, केंद्र सरकार के अस्पताल और प्राइवेट अस्पताल को मिलाकर 14,151 बेड हैं, जिसमें से 4799 पर मरीज हैं, जबकि 9352 बेड खाली हैं. 

LIVE TV

Source link

Tracker News

Tracker News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *